Rafale fighter jets and Drones in Indian Army: ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी खतरों से निपटने और देश को मजबूत और विकसित भारत बनाने के लिए रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की गई है। इसमें राफेल फाइटर जेट्स जैसे कॉन्ट्रैक्ट को तेजी से पूरा करने और पनडुब्बियों को बनाने की दिशा में बड़ी मदद मिलेगी।
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट में मजबूत भारत के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। रक्षा मंत्रालय को 2026-27 के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय के पास कई प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं। राफेल फाइटर जेट्स , पनडुब्बियां और ड्रोन से जुड़े कई कॉन्ट्रैक्ट्स पर भारत पैसे खर्च कर रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रक्षा बजट को 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया है। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद सशस्त्र बलों पर खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद थी, यह 1971 के युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के साथ पहली सैन्य झड़प थी।
सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़
भारत ने रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का ऐलान किया है। इससे भारतीय सेना अपने लिए राफेल जैसे फाइटर्स, पनडुब्बियां और अनमैन्ड एरियल वाहन यानी ड्रोन पर ज्यादा फोकस कर सकेगी।
कितना बढ़ा यह रक्षा बजट पर आवंटन
एएनआई की एक खबर के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुल 7.8 लाख करोड़ रुपये डिफेंस बजट पर खर्च किए जाने का ऐलान किया है। यह बजट बीते साल के मुकाबले 21 फीसदी ज्यादा है।
कैपिटल आउटले डिफेंस के लिए 2,19,306.47 करोड़ आवंटित किए गए हैं। वहीं, रक्षा मंत्रालय सिविल के लिए 28,554.61 करोड़ रुपये, डिफेंस सर्विसेज रेवेन्यू के लिए 3,65,478.98 करोड़ रुपये और रक्षा पेंशन के लिए 1,71,338 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
यह बजट भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-यह बजट लोगों की भावनाओं और उम्मीदों के अनुसार है। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्ठिकोण की मजबूत नींव रखता है। यह भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित बनाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने और क्या-क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-इस बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं... ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद, इस बजट ने देश के रक्षा सिस्टम को और मजबूत करने के हमारे संकल्प को और पक्का किया है। इस साल, हमारी सेनाओं के कुल कैपिटल खर्च के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस बजट का मुख्य फोकस हमारी तीनों सेनाओं के मॉडर्नाइजेशन पर है। इसके लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है...कुल मिलाकर यह बजट सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच संतुलन को मज़बूत करता है।
विमानों के पार्ट्स के लिए तेजी से आएंगे कच्चा माल
अपने भाषण में निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरहॉल की जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ करने का प्रस्ताव दिया।