ndia-Pakistan border LOC: भारत-पाकिस्तान सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। मगर, एक इंतजाम ऐसा है, जो दुश्मनों के कान पर चोट करता है। जानते हैं पूरी बात।

India-Pakistan border Glass Bottles

 

नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बाड़ों पर हजारों कांच की बोतलें लटकती हुई दिखाई दे रही हैं। सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरें तैर रही हैं। ये बोतलें बॉर्डर पर सूरज की रोशनी में चमकती हैं और हवा चलने पर बजती रहती हैं। ये बोतलें ग्रामीण और खेतिहर इलाकों में ज्यादा नजर आती हैं। आइए जानते हैं कि दुनिया के सबसे संवेदनशील और फौजों की तैनाती वाले बॉर्डर पर ऐसा क्यों है और इसके पीछे की दिलचस्प कहानी क्या है?
 

बॉर्डर पर लटकती कांच की बोतलें क्यों

फर्स्ट पोस्ट की एक खबर के अनुसार, बॉर्डर पर बाड़ों पर कांच की खाली बोतलें लटकाने की पीछे एक वजह यह है कि यह एक अलर्ट सिस्टम है, जो हवा चलने या हिलने-डुलने या किसी संदिग्ध गतिविधि पर आपस में टकराकर शोर करती हैं। इससे पहले से मुस्तैद सेना के जवानों को चौकन्ना रखने में मदद मिलती है। ये बोतलें ज्यादातर जम्मू और पंजाब में सीमा से सटे इलाकों में लटक रही हैं।

 

बोतलें चीख-चीखकर बताती हैं घुसपैठ

इन लटकती बोतलों के पीछे एक बड़ा कारण और भी है। अगर कोई बाड़ के कंटीले तारों को काटने की कोशिश करता है या उन पर चढ़ने की कोशिश करता है तो भी उनमें बंधे तार हिल जाते हैं। इससे बोतलें तेजी से शोर करने लग जाती हैं। इससे पास में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान और अलर्ट हो जाते हैं।

 

कांच की बोतलें ही क्यों लटकाई जा रही हैं

दरअसल, कांच की खाली बोतलें आसानी से मिल जाती हैं। इन पर खर्च कम आता है। ये ज्यादा चलती हैं और मेटल के मुकाबले ज्यादा तेज आवाज करती हैं। साथ ही इन बोतलों के लिए कोई इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की जरूरत नहीं होती है। न ही बिजली और मरम्मत की जरूरत पड़ती है। इसे लगाना भी बेहद आसान है। यह तारों में फंसाकर लगा दी जाती है।

 

रिमोट एरिया में ये खाली बोतलें बेहद कारगर

सीमावर्ती उन इलाकों में ये बोतलें लगाना बेहद कारगर हैं, जो दूर-दराज के क्षेत्र हैं। ऐसी जगहों पर भी इन्हें लगाना फायदे का सौदा है, जहां बिजली नहीं आती है या बिजली नहीं है। या एडवांस सेंसर्स नहीं लगे हैं। यह एक तरह से हाईटेक सर्विलांस सिस्टम की तरह काम करते हैं।

रेगिस्तान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी सीमा पर ऐसी बोतलें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में इस तकनीक का फैलाया जा रहा है। रेतीले रेगिस्तान, गुजरात के दलदली इलाके, पंजाब के मैदानों और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में इन कांच की खाली बोतलों का जाल लगाया जा रहा है।
इसके अलावा, खेती-किसानी वाले इलाकों में जहां से सीमा गुजरती है, वहां भी इसे लगाया जा रहा है।