Congress US India Trade Deal: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाए कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि 2 फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति ट्रंप ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा करें?

Congress On trade Deal

नई दिल्ली: कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद अब अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दो टूक कहना चाहिए कि अमेरिकी पक्ष से स्पष्टीकरण आने तक भारत की तरफ से आयात उदारीकरण नहीं होगा। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार को इस समझौते पर अमेरिका के साथ फिर से बातचीत करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भारत के लाखों किसानों की आजीविका पर नकारात्मक असर नहीं हो।

यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोली कांग्रेस

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वैश्विक ‘टैरिफ’ को खारिज कर दिया, जिससे उन्हें उनके आर्थिक एजेंडे के मुद्दे पर बड़ा झटका लगा है। जजों ने बहुमत से कहा कि संविधान बहुत स्पष्ट रूप से अमेरिकी कांग्रेस को कर लगाने की शक्ति देता है, जिसमें ‘टैरिफ’ भी शामिल है। जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद इस अंतरिम समझौते को स्थगित कर दिया जाना चाहिए और प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अमेरिका की तरफ से स्पष्टीकरण आने तक हम आयात उदारीकरण नहीं करेंगे।

 

यदि पीएम मोदी अपनी नाज़ुक छवि बचाने को लेकर इतने व्यग्र न होते और केवल 18 दिन और प्रतीक्षा कर लेते, तो भारतीय किसान इस पीड़ा और संकट से बच सकते थे और भारत की संप्रभुता भी सुरक्षित रहती।

 

जयराम रमेश ने ट्रेड डील पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इस व्यापार समझौते को लेकर नए सिरे से बातचीत होनी चाहिए। रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते दो फरवरी को व्यापार समझौते की पहली घोषणा की और कहा कि प्रधानमंत्री के आग्रह पर यह समझौता हो रहा है। सवाल यह है कि प्रधानमंत्री ने जल्दबाजी क्यों की? उन्होंने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से लोकसभा में दिए भाषण से ध्यान भटकाने के लिए प्रधानमंत्री ने आनन-फानन में व्यापार समझौते के लिए ट्रंप से आग्रह किया।

 

अब क्या होगा पीएम मोदी का फैसला?

जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री, वाणिज्य मंत्री और सरकार को दिसंबर से जानकारी थी कि इस मामले में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने वाला है। हो सकता है कि निर्णय ट्रंप के खिलाफ आए फिर भी ट्रंप पर दबाव क्यों डाला गया कि समझौते की घोषणा की जाए? उन्होंने कहा कि ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय का भारत-अमेरिका समझौते पर कोई असर नहीं होगा। क्या प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप के इस बयान से सहमत हैं?